✍️ Written by Dheeraj Yadav📅 Published 17 Sep 2026🔄 Last updated 18 Sep 2026⏱ 1 min read
Quick Answer
एक आदमी जिंदगी से हारकर नदी किनारे बैठा था।
उसने सूरज को डूबते देखा और कहा,
“आज सब खत्म हो गया।”
पास बैठे एक बुजुर्ग ने कहा,
“सूरज को देख रहे हो?”
“हा
एक आदमी जिंदगी से हारकर नदी किनारे बैठा था।
उसने सूरज को डूबते देखा और कहा,
“आज सब खत्म हो गया।”
पास बैठे एक बुजुर्ग ने कहा,
“सूरज को देख रहे हो?”
“हाँ।”
“डूब रहा है ना?”
“हाँ।”
बुजुर्ग मुस्कुराए और बोले,
“कल सुबह यही सूरज फिर निकलेगा।
डूबना उसका अंत नहीं, बस एक रात की शुरुआत है।”
आदमी कुछ देर चुप रहा।
फिर उठा और घर की तरफ चल पड़ा।
कभी-कभी जिंदगी में भी बस इतना ही करना होता है—
आज को खत्म होने देना और कल को एक मौका देना।