मेरी असली कहानी — Part 2 पिछली कहानी में मैंने बताया था कि YouTube से अच्छी income होने लगी थी। उस कमाई से मैंने अपनी दुकान का renovation करवाया, कुछ पुराने कर्ज चुकाए और धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर आने लगी। कभी YouTube से income होती थी, तो कभी charge लेकर लोगों के लिए गाने बनाता था। कुल मिलाकर कमाई अच्छी थी और जिंदगी में एक सुकून था। फिर आया 2020… इसी दौरान मैंने पहली बार Stock Market और Trading के बारे में समझना शुरू किया। शुरुआत में सब कुछ अच्छा चल रहा था। मैंने करीब 3 लाख रुपये के stocks खरीदे। Lockdown के दौरान बाजार काफी नीचे आ चुका था, इसलिए कुछ समय बाद मेरे वही 3 लाख रुपये करीब 3 गुना तक हो गए। उस समय ऐसा लग रहा था कि जिंदगी के सारे सपने धीरे-धीरे पूरे हो रहे हैं। उस पैसे से मैंने दुकान में लगाया, कर्ज चुकाए और लगा कि अब आगे का रास्ता आसान है। लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ अभी बाकी था… 2022 में मुझे Options Trading के बारे में पता चला। और यहीं से मेरे अच्छे दिन धीरे-धीरे बुरे दिनों में बदलने लगे। Options में मुझे ऐसे profit दिखाई देने लगे जिनके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। एक दिन ₹40,000… दूसरे दिन ₹50,000… मुझे लगने लगा कि अगर सही तरीके से किया जाए तो रोज इतनी कमाई संभव है। लेकिन असली तस्वीर कुछ और थी। 22 दिन के market में कभी 7 दिन कमाई होती थी, तो बाकी दिनों में छोटे-छोटे losses होते रहते थे। समस्या यह थी कि छोटे losses को मैं loss मान ही नहीं रहा था। एक loss की भरपाई करने के चक्कर में दूसरा trade… फिर तीसरा trade… और धीरे-धीरे मेरी capital खत्म होती चली गई। जब अपनी capital कम पड़ गई तो मैंने Credit Card और Bank Loan का सहारा लिया। मुझे लगा था कि market से कमाकर सब वापस कर दूंगा। लेकिन वहां भी वही हुआ… पैसा डूबता गया और कर्ज बढ़ता गया। एक समय ऐसा आया जब मेरे ऊपर इतना कर्ज हो गया कि मेरा मन अपनी दुकान और YouTube—दोनों से हटने लगा। जिस YouTube और दुकान ने कभी मेरी जिंदगी को संभाला था, उन्हीं चीजों से मेरा मन दूर होने लगा। सबसे बड़ी गलती शायद यही थी कि मुझे बहुत देर से समझ आया— Trading में दिखने वाला बड़ा profit और असल में आपके हाथ में बचने वाला पैसा, दोनों अलग चीजें हैं। मुझे लगा था मैं पैसा कमाने के लिए market में आया हूं… लेकिन धीरे-धीरे market मेरे पैसे के साथ-साथ मेरा सुकून भी लेता गया। और जब मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ… तब तक बहुत कुछ जा चुका था। कर्ज भारी हो चुका था। लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई… इसके बाद मैंने क्या किया? कर्ज से कैसे निकलने की कोशिश की? और क्या मैं दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो पाया? अगली कहानी में बताऊंगा…