✍️ Written by Dheeraj Yadav📅 Published 17 Sep 2026🔄 Last updated 08 Oct 2026⏱ 1 min read
Quick Answer
एक चिड़िया रोज़ एक खिड़की पर आकर बैठती थी।
घर का मालिक हर दिन उसे थोड़ा-सा दाना देता।
एक दिन घर बंद मिला।
दूसरे दिन भी।
तीसरे दिन भी।
चिड़िया फिर भी ख
एक चिड़िया रोज़ एक खिड़की पर आकर बैठती थी।
घर का मालिक हर दिन उसे थोड़ा-सा दाना देता।
एक दिन घर बंद मिला।
दूसरे दिन भी।
तीसरे दिन भी।
चिड़िया फिर भी खिड़की पर आती रही।
सातवें दिन आदमी वापस आया।
खिड़की खोली तो चिड़िया वहीं बैठी थी।
उसने दाना रखा और पूछा,
“तुम्हें कैसे भरोसा था कि मैं वापस आऊंगा?”
चिड़िया उड़ गई।
शायद उसका जवाब था—
हर अच्छी चीज़ तुरंत वापस नहीं आती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह कभी वापस नहीं आएगी।